रानीवाडा टुडे नववर्ष विशेषांक का विमोचन चिकित्षा राज्य मंत्री श्री राज कुमार शर्मा और जिले के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ रानीवाडा विधायक रतन देवासी द्वारा किया गया!जिसमे हजारो क़ि तादाद में कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाग लिया !। विधायक रतन देवासी की अनुशंषा से क्षेत्र में ३४ अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण की स्वीकृति जारी हुई है। खेल मैदान का कार्य शुरू इसी माह यात्री गाड़ी शुरू होने की जगी आस सुुणतर क्षेत्र कभी मारवाड़ का कश्मीर नाम से प्रसिद्ध हुआ करता था।

रविवार, 28 फ़रवरी 2010

फाल्गुन की मस्ती, मौसम गावे फाग


  रंगों का त्योहार होली शहर में आस्था के साथ मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न इलाकों में होलिका दहन किया जाएगा। होली दहन स्थल पर संगीत के लिए डीजे आदि की व्यवस्था कर ली गई!  धुलंडी के दिन लोग एक-दूसरे को स्नेह की गुलाल लगाकर गिले-शिकवे दूर करेंगे।शहरवासियों द्वारा होली की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। भक्त प्रहलाद की पूजा-अर्चना के बाद होली जलाई जाएगी। होलिका दहन पर बड़कूले की माला चढ़ाई जाएगी। महिलाएं हल्दी और सूत को होलिका का दर्शन करवाएंगी। बाद में इससे चौथ माता के डोर तैयार किए जाएंगे। होलिका में गेहूं की बालियां सेककर खाने तथा होली दहन के बाद कंडों से घरों मे धूप देने की परंपरा का भी निर्वाह किया  इसके अलावा महाभारत में कृष्ण द्वारा युद्ध के समय अजरुन को दिए गए उपदेश वाली झांकी को भी लोग पसंद कर रहे हैं। तीसरी चीन की रेड ड्रेकन झांकी है। इसमें चीन द्वारा भारत को नुकसापहंचाए जाने के बारे में बताया है।
इसलिए सेकते हैं गेहूं की बालीं
होलिका दहन के दौरान गेहूं की बालियों (धंगियों) की पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि वर्ष की सबसे पहली फसल गेहूं होती है। इससे लोगों में खुशियों का संचार होता है। लोग अपनी खुशियां भगवान को होलिका के माध्यम से अर्पण कर हर वर्ष खुशहाली लाने के संकल्प करते हैं। इसलिए होलिका दहन के दौरान बालियां सेकी जाती है और उन्हें खाया जाता है।
बुराई मिटाने को होलिका दहन
राजा हिरण्याकश्यप भगवान का विरोधी था और चाहता था कि प्रजा उसकी पूजा करे। उसका पुत्र प्रहलाद घर में भगवान की पूजा-अर्चना करता था। हिरण्याकश्यप ने अपनी बहन होलिका से प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठने के लिए कहा। होलिका भी आग में न जलने का वरदान होने के कारण निश्चिंत थी, लेकिन प्रहलाद बच गया और होलिका राख हो गई। तभी से बुराइयों के दहन के लिए प्रतीक होलिका किया जाता है,ताकि बिखरे खुशियों के रंग रंग व गुलाल खुशियों का प्रतीक मानी जाती है। होलिका दहन के एक दिन बाद धुलंडी के दिन लोग आपस में एक दूसरे को रंग व गुलाल लगाकर अपनी खुशियों को बांटते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर आज के दिन दुश्मन भी रंग लगा देता है तो वह दोस्त बन जाता है। होली के दिन लोग गले मिलकर अपने गिले-शिकवे भी दूर करते हैं।
बच्चें को भा रही हैं ये पिचकारियां
इस बार व्हेल फिश, हनुमानजी का घोटा, हॉकी, गणपति टेक, मगरमच्छ, टच्यूबलाइट वाली पिचकारी, टेंकर वाली पिचकारी (पीठ पर लगाने वाली), हातिमताई, वाटर गन, पोकोमैन के साथ ही देवी-देवताओं के मॉडल वाली पिचकारियां खास रहेंगी। बाजार 5 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की पिचकारियां उपलब्ध है। बड़ी पिचकारियांे की डिमांड ज्यादा है।



शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2010

विधायक का स्वागत करते कांग्रेसी

रानीवाडा विधानसभा हलके में विधुत व पेयजल की समस्या को लेकर सर्कार कई योजनाए शुरू करने जा रही है!जिले में सर्वाधिक नलकूप रानीवाडा में हलके में स्वीकरत हुए है!विधुत हलके में भी अगले साल आधे दर्जन से ज्यादा जी.एस.एस.स्वीक्रत होने जा रहे है!उक्त विचार रानीवाडा विधयक रतन देवासी ने नवनिर्मित सभाभवनो के लोकार्पण के अवसर पर कही!

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2010

गहलोत ने बादल से मांगा पानी

 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को पंजाब और मध्यप्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से जल संकट से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए पानी देने का आग्रह किया है। गहलोत ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल से बातचीत करके उन्हें राजस्थान की परेशानी फिर बताई है। बादल के अलावा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भी गहलोत ने कहा है कि वे हाड़ौती इलाके के लिए चंबल से पानी दिलाएं। गहलोत मंत्रिमंडल ने गुरुवार को जल संकट पर काफी चिंता जताई और पूरे प्रदेश के हालात का जायजा लिया। गहलोत ने बताया कि जल संकट से जूझ रहे प्रदेश के 240 में से 200 ब्लॉक डार्क जोन हो गए हैं। ऐसे में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता पीने का पानी रहेगा। प्रदेश के करीब 10 हजार से ज्यादा गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों से व्यवस्था की जा रही है। जिला कलेक्टरों से कहा कि जलापूर्ति को लेकर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई जिला कलेक्टरों के स्तर होने वाली लापरवाहियों पर जयपुर से कार्रवाई की जाएगी।











बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

मारवाड़ को चाहिए ‘कन्फर्म टिकट’

 जोधपुर रेलों के विस्तार को लेकर कई साल से मायूसी झेल रहे मारवाड़ के लोग इस बार रेल मंत्री से रेल विकास का ‘कन्फर्म टिकट’ चाहते हैं। रेलमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को बजट प्रस्तुत करेंगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रुचि लेने से मारवाड़ को कई योजनाओं में बजट मिलने की उम्मीद है। नई रेल लाइनों, आमान—परिवर्तन, दोहरीकरण और मौजूदा ट्रेनों के फेरे बढ़ाने से लेकर एक्सटेंशन तक दर्जनों प्रस्ताव मंजूरी की मुहर का इंतजार कर रहे हैं। सबसे अहम प्रस्ताव पंजाब से जैसलमेर होकर कांडला तक नई रेल लाइन का है। इसे मंजूरी मिलती है तो पश्चिमी सीमा के समानांतर रेलवे की भी नई पंक्ति बन जाएंगी। कोलायत को फलौदी से जोड़ने के बाद अब फलौदी को समदड़ी से जोड़ने का बजट मिलता है तो बीकानेर सीधा जैसलमेर से जुड़ जाएगा। यह रेल मार्ग सुरक्षा कारणों से अहमियत रखता है। व्यापार के नए रूट के रूप में भी यह लाइन बिछाने से कई फायदे होंगे। इसके अलावा भी कई प्रस्तावों पर अमल होता है तो मारवाड़ सीधे अन्य राज्यों से जुड़ सकता है। सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव बिलाड़ा से बर को जोड़ने का है, इससे जोधपुर सीधे अजमेर के रास्ते मध्यप्रदेश तक जुड़ जाएगा।





मंगलवार, 23 फ़रवरी 2010

बजट सत्र शुरू, विधायकों ने लीं चुटकियां

जयपुर. सोमवार से शुरू हुए विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल प्रभाराव को एक घंटा 14 मिनट के भाषण को पढ़ने में कई बार दिक्कत हुई। उन्हें रुक-रुककर पढ़ना पड़ा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्रसिंह शेखावत ने पानी के गिलास की ओर इशारा किया।भाजपा के देवीसिंह भाटी ने कहा कि अभिभाषण को पढ़ा हुआ मान लिया जाए, ताकि महामहिम को तकलीफ न हो। भाजपा के ही रोहिताश्व शर्मा ने पानी पीने का आग्रह किया, लेकिन राज्यपाल ने अभिभाषण पूरा पढ़ कर ही पानी पीया।
भर्ती खुल गई हैं भर्ती
अभिभाषण के समाप्त होते ही कांग्रेस के रघु शर्मा ने प्रतिपक्ष के नेता की सीट की ओर इशारा करते हुए कहा कि भर्ती खुल गई है, भर्ती। अब अर्जी लगा दो।

मुख्यमंत्री ने मांगी जू के हालात पर रिपोर्ट

जयपुर. जयपुर जू में वन्यजीवों की घटती संख्या के बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वन विभाग से जवाब मांगा है। मुख्यमंत्री की ओर से वन विभाग को भेजी गई चिट्ठी में डीबी स्टार में प्रकाशित ‘7 साल, 7 डीएफओ, लाए सिर्फ एक बंदर’ खबर का हवाला दिया गया है। इसमें डीबी स्टार ने वन्यजीवों से खाली होते जू के हालात को प्रकाशित किया था।
यहां हम बता दें कि पिछले दिनों जू में एक शेरनी की मौत हो गई थी। इसके बाद डीबी स्टार ने खबर प्रकाशित कर बताया कि जू में पिछले कुछ सालों से इसी तरह से एक-एक करके वन्यजीवों की मौत हो रही है, लेकिन इस खाली होती जगह को भरने के लिए जू प्रशासन नए वन्यजीव लाने या प्रजनन कराने में असफल रहा है।
ऐसे में यहां सवाल उठना लाजमी है कि अगर हालात यही रहे तो वन्यजीवों से खाली जू को कौन देखने आएगा। यह हालात कोई एकाध साल के नहीं हैं, बल्कि सात साल में सात डीएफओ का कार्यकाल निकलने के बावजूद जू में अफसरों के प्रयासों से महज एक बबून बंदर लाया गया है।
उधर, वन विभाग के आला अफसरों की इस बारे में दलील है कि मौजूदा समय में जू में वन्जीवों को भरने से ज्यादा उनके लिए जगह आदि सुविधाओं को वरीययता दी जाने लगी है। ऐसे में हमारे पास यहां जगह की कमी को देखते हुए अब नाहरगढ़ स्थित बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीव बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

कौन हो सकता है नया नेता प्रतिपक्ष ?

जयपुर. वसुंधरा राजे के इस्तीफा देने के बाद उनकी जगह नया चेहरा कौन होगा, यह सवाल भाजपा के नेताओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है। इस दौड़ में कई नेता हैं, लेकिन सबके अपने-अपने समीकरण हैं। कौन हो सकता है नेता, यह सवाल हाईकमान के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है।
किसकी ताकत क्या, कमजोरी क्या ?
गुलाबचंद कटारिया : इंदौर अधिवेशन में पूर्व गृह मंत्री कटारिया का नाम तय हो चुका है। वसुंधरा समर्थक विधायकों ने ज्यादा विरोध नहीं किया तो उनके नाम पर मुहर लग जाएगी। उनका विरोधी खेमा उनके नेता प्रतिपक्ष के रूप में पहले के कार्यकाल की विफलताएं गिना रहा है।
घनश्याम तिवाड़ी : उप नेता तिवाड़ी को बागडोर सौंपने का भी सुझाव है। इन दिनों वसुंधरा राजे से उनके समीकरण ठीक हैं। लेकिन कुछ प्रमुख नेताओं का विरोध है कि नेता प्रतिपक्ष और प्रदेशाध्यक्ष दोनों पदों पर ब्राrाण नहीं रखे जाएं।
डॉ. दिगंबरसिंह : वसुंधरा खेमा दिगंबरसिंह को चाहता है, लेकिन इससे वसुंधरा खेमा विभाजित हो सकता है। यह भी तर्क है कि उनका नाम तय होता है तो दोनों प्रमुख पदों पर भरतपुर के नेता आ जाएंगे और क्षेत्रीय असंतुलन हो जाएगा।
राव राजेन्द्रसिंह : आम सहमति वाला एक नाम राव राजेंद्र¨सह का भी है। लेकिन पार्टी में समझा जाता है कि वे तिकड़मबाजियों से दूर होने के कारण विधानसभा में फ्लोर मैनेजमेंट के दौरान कुछ दिक्कत में हो सकते हैं।
पद छोड़ा लेकिन ‘कद’ वही रहेगा
इस्तीफा भले ही दे दिया हो, नेता तो वही रहेंगी। — भवानीसिंह राजावत, विधायक
नए नेता का नाम पार्टी हाईकमान तय करेगा। — ओम बिड़ला, विधायक
जो इंदौर अधिवेशन में तय हुआ, उसी की पालना होगी। — वासुदेव देवनानी, विधायक

बजट सत्र शुरू, विधायकों ने लीं चुटकियां

बजट सत्र शुरू, विधायकों ने लीं चुटकियां
जयपुर. सोमवार से शुरू हुए विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल प्रभाराव को एक घंटा 14 मिनट के भाषण को पढ़ने में कई बार दिक्कत हुई। उन्हें रुक-रुककर पढ़ना पड़ा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्रसिंह शेखावत ने पानी के गिलास की ओर इशारा किया।
भाजपा के देवीसिंह भाटी ने कहा कि अभिभाषण को पढ़ा हुआ मान लिया जाए, ताकि महामहिम को तकलीफ न हो। भाजपा के ही रोहिताश्व शर्मा ने पानी पीने का आग्रह किया, लेकिन राज्यपाल ने अभिभाषण पूरा पढ़ कर ही पानी पीया।
भर्ती खुल गई हैं भर्ती
अभिभाषण के समाप्त होते ही कांग्रेस के रघु शर्मा ने प्रतिपक्ष के नेता की सीट की ओर इशारा करते हुए कहा कि भर्ती खुल गई है, भर्ती। अब अर्जी लगा दो।
पहली बैंच खाली रही
विधानसभा के चौथे सत्र के पहले दिन ना पक्ष में पहली पंक्ति खाली ही रही। इस सीट पर प्रतिपक्ष का नेता और विधानसभा का उपाध्यक्ष बैठते हैं। वसुंधरा राजे प्रतिपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने के बाद सदन में नहीं आईं और सीधे घर चली गईं।
विधानसभा उपाध्यक्ष पद पर अभी किसी विधायक का मनोनयन हुआ नहीं है। विधानसभा के सचिव एच.आर. कुड़ी का कहना है कि अगर वसुंधरा राजे सदन में आतीं तो वे पहले से निश्चित सीट पर बैठ सकती थीं।
बैठक व्यवस्था विधानसभा का अंदरूनी और अध्यक्ष के विशेषाधिकार का मामला है और यह पार्टी के लोगों की राय से ही तय किया जाता है। इस्तीफा दे देने से उस सीट पर बैठने की कोई मनाही नहीं होती, लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि वसुंधरा इस्तीफा देकर सदन में अपने निर्धारित स्थान पर बैठतीं तो इससे अच्छा संदेश नहीं जाता।
आपको पता है बार-बार ताली कौन बजाता है!
प्रतिपक्ष के उपनेता घनश्याम तिवाड़ी ने राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने पर कहा कि सत्तापक्ष ने एक बार भी ताली नहीं बजाई। इस पर गृह मंत्री शांति धारीवाल ने चुटकी ली, बार-बार ताली कौन बजाता है, ये आप सभी जानते हैं। भाजपा के रोहिताश्व शर्मा ने सत्तापक्ष की ओर इशारा कर कहा कि ये खुश नहीं हैं। इसलिए ताली नहीं बजा रहे। इस पर राज्यपाल बोलीं, तो आप खुश नहीं हैं क्या!

शनिवार, 20 फ़रवरी 2010

कृषकों का भ्रमण २5 से

बाड़मेर से जयपुर के बीच वोल्वो बस चलेगी

जिला मुख्यालय से राजधानी जयपुर के मध्य शीघ्र ही वोल्वो बस का संचालन किया जाएगा। यह घोषणा यातायात मंत्री बृज किशोर शर्मा ने गुरुवार को की। शर्मा ने बताया कि बाड़मेर में तेल तथा लिग्नाइट के अन्वेषण के पश्चात अति आधुनिक यातायात की सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता है। इसके मद्देनजर शीघ्र ही एक वोल्वो बस चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बाड़मेर तथा जयपुर के मध्य वर्तमान में भी वातानुकुलित वाहनों का संचालन किया जा रहा

कोयल गाती नहीं...गाता है

कोयल गाती नहीं...गाता है
. सिरोहीनर्सरी क्लास के बच्चों से लेकर कवियों, संगीतकारों के प्रिय पक्षी कोकिल के दीवाने सामान्य तौर पर यही जानते हैं कि काली कोयल बोल रही है, डाल-डाल पर डोल रही है, कूक कूक का गीत सुनाती...। लेकिन, यदि पक्षी विशेषज्ञों से बात करें तो वे तत्काल आपको बताएंगे कि कोयल गाती नहीं, बल्कि गाता है। दरअसल, मादा कोयल कभी उस तरह से नहीं गाती, नर कोकिल ही उतनी प्यारी आवाज में गाता है, जिसे सुनकर हर कोई आह्वालित होता है। वैसे, कोयल के बारे में जानना अपने आप में रोचक है लेकिन इसके साथ जरूरी है उनकी सुरक्षा। घनी अमराइयां उनके आवास हैं, जिनका पिछले दिनों काफी ह्रास हुआ है। शेष & पेज 9और यदि इस मीठी तान को सुनना है, तो उन अमराइयों, घने पेड़ों को बचाने के साथ लगाना होगा, जो इनके पसंदीदा बसेरा हैं।लगाने होंगे छायादार, सदाहरित पौधे : उदयपुर से सिरोही आने वाले मार्ग के साथ सिरोही माउंट आबू मार्ग, माउंट के आसपास पहले खूब अमराइयों का विशेष क्षेत्र है, जहां ये खूब रहते हैं। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से सड़क निर्माण से लेकर कई अन्य कारणों से छायादार पेड़ खूब धराशायी हुए हैं और उसके साथ इनके आवास उजड़ते जा रहे हैं। अब यदि आवाज के दीवाने इस पक्षी की हिफाजत चाहते हैं तो पहले जरूरी है कि अमराइयों के विनाश को रोककर नए पेड़ उस तरह के लगाए जाएं। होता यह है कि आम, जामुन आदि छायादार पेड़ काटे तो खूब जा रहे हैं, लेकिन नए पेड़ लगाए नहीं जा रहे हैं। जो पौधे लगाए जा रहे हैं, उनमें से अधिकांश विदेशी प्रजाति के वे पौधे हैं, जो इन पक्षियों का बसेरा होता ही नहीं है। इसीलिए जरूरी है कि इस तरह के वृक्षों के पौधे भी लगाए जाएं।ग्रीष्मकालीन प्रवास : अपने देश में प्रवासी पक्षी सामान्य तौर पर शीतकाल में प्रवास करते हैं, लेकिन कोयल के साथ ठीक उल्टा है। यह ग्रीष्मकाल में अपने यहां प्रवास करने को पहुंचता है। इसे ठंड बर्दाश्त नहीं है और उससे बचने के लिए वह दक्षिण की ओर प्रस्थान कर जाता है। आम तौर पर यह अंतर्देशीय अर्थात अपने देश के भीतर ही प्रवास करता है, लेकिन कभी-कभार इसे प्रवास पर आस्ट्रेलियाई कंट्रीज में भी देखा गया है। बसंत व ग्रीष्म ऋतु इसका प्रजनन काल है, जिसमें नर मादा को रिझाने के लिए मीठी आवाज में गाता है। सामान्य तौर पर जब आम में बौर आना शुरू होते हैं और छोटी-छोटी अमियां दिखने लगती हैं, तो इसकी आवाज सुनाई देने लगती है। यह सर्वहारी जीव फल के साथ कीड़े-मकोड़े भी बड़े मजे से खाता है।स्वभाव से संकोची, नीड़ निर्माण से मतलब नहींराजपुताना सोसायटी ऑफ नेचुरल हिस्ट्री, राजस्थान के सलाहकार सत्यप्रकाश मेहरा के अनुसार कोयल कुक्कू कुल का पक्षी है, जिसका वैज्ञानिक नाम यूडाइनेमिस स्कोलोपेकस स्कोलोपेकस है। नर कोयल नीलापन लिए काला होता है, तो मादा तीतर की तरह धब्बेदार चितकबरी होती है। नर कोयल ही गाता है। उसकी आंखें लाल व पंख पीछे की ओर लंबे होते हैं। नीड़ परजीविता इस कुल के पक्षियों की विशेष नेमत है यानि ये अपना घोसला नहीं बनाती। ये दूसरे पक्षियों विशेषकर कौओं के घोंसले के अंडों को गिरा कर अपना अंडा उसमें रख देती है। स्वभाव से संकोची यह पक्षी कभी किसी के सामने पडऩे से कतराता है। इस वजह से इनका प्रिय आवास या तो आम के पेड़ हैं या फिर मौलश्री के पेड़ अथवा कुछ इसी तरह के सदाबहार घने वृक्ष, जिसमें ये अपने आपको छिपाए हुए तान छेड़ता है।

कृषकों का भ्रमण २5 से

कृषकों का भ्रमण २5 से
रानीवाड़ा. राज्य सरकार की आत्मा योजना के तहत कृषकों का दल भ्रमण के लिए २५ से २७ फरवरी तक रानीवाड़ा से रवाना होगा। सहायक कृषि अधिकारी कन्हैयालाल विश्रोई ने बताया कि ४५ सदस्यीय कृषक दल रानीवाड़ा से गोधाम पथमेड़ा में वर्मी कम्पोस्ट का प्रोजेक्ट, सीलू हैड पर नर्मदा नहर का निरीक्षण, जीवदया गोशाला भीनमाल, सांथू कृषि फार्म पर जैतुन की खेती, बावतरा व खेतलावास में बगीचे के निरीक्षण सहित केशवणा कृषि विज्ञान केंद्र का भ्रमण करवाया जाएगा।

सांकलाराम अध्यक्ष बने

सांकलाराम अध्यक्ष बने

रानीवाड़ा. स्थानीय शाखा के जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ की कार्यकारिणी के चुनाव जिलाध्यक्ष बंशीलाल सोनी की अध्यक्षता में शनिवार को हुए। कार्यकारिणी में हंजारीराम पुरोहित को संरक्षक, सांकलाराम राणा को अध्यक्ष, लाखाराम देवासी को महामंत्री, अशोकसिंह चौहान को संगठन मंत्री, अशोककुमार मेघवाल को कोषाध्यक्ष, प्रकाशसिंह देवड़ा को संयुक्त मंत्री, मुकेशबाबु मीणा को उपाध्यक्ष, दिनेश चौधरी को कार्यमंत्री और भगवानसहाय शर्मा को सहकोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

जनप्रतिनिधियों ने संभाली कुर्सी

जनप्रतिनिधियों ने संभाली कुर्सी
भास्कर न्यूज & रानीवाड़ारानीवाड़ा पंचायत समिति की नवनिर्वाचित प्रधान राधादेवी देवासी ने शुक्रवार को पंचायत समिति में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों ने बधाई दी। उन्हें कार्यवाहक विकास अधिकारी जेठाराम वर्मा ने पदभार ग्रहण करवाया। इस मौके देवासी ने क्षेत्र में विकास व कांग्रेस पार्टी के निर्देशों पर भरोसा जताया। विधायक रतन देवासी ने भी उन्हें माला पहनाकर श्रीमती देवासी का स्वागत किया। इस मौके मौजूद जिला उपप्रमुख मूलाराम भील को साफा व जिला परिषद सदस्या ललिता बोहरा का शॉल ओढाकर अभिनंदन किया।भीनमाल & ग्राम पंचायत दांसपा के सरपंच जयदीपसिंह राठौड़ ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. समरजीतसिंह, भीनमाल नगरपालिका अध्यक्ष हीरालाल बोहरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी प्रकार ग्राम पंचायत चितरोड़ी की नवनिर्वाचित सरंपच कमलादेवी मेघवाल ने शुक्रवार को सरपंच ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर जूठाराम ठेकेदार, वचनाराम, लाखाराम, रणजीतसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

एक्स-रे मशीन का हुआ लोकार्पण

एक्स-रे मशीन का हुआ लोकार्पण
रानीवाड़ा& कस्बे के सीएचसी में शुक्रवार को रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने एक्स-रे मशीन का लोकार्पण किया। इस मौके उन्होंने कहा कि जननी सहायता योजना के तहत प्रसुता महिलाओं को दिए जाने वाली राहत राशि की ग्रामीण क्षेत्र से शिकायतें ज्यादा आ रही हंै। जिन पर अंकुश लगाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के प्रति सरकारी कर्मचारी को संवेदनशील होकर कार्य करना है। इन योजनाओं में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। देवासी ने कहा कि सीएचसी में छह चिकित्सक पदों पर नियुक्तिया दी गई है। जिसमें कई विशेषज्ञ चिकित्सक भी सेवाएं दे रहे है। इस मौके मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशनसिंह ने कहा कि सीएचसी की जमीन में कुछ भाग रेल्वे का आ रहा है। अत: हाईकोर्ट के निर्देशानुसार ९ लाख रुपए रेलवे में जमा कराना आवश्यक है। इसके लिए जन भागीदारी या विधायक कोष से सहयोग की उम्मीद जताई। ब्लॉक सीएमओं डॉ. ए.आर. चौहान ने बताया कि सीएचसी ने गत वर्ष नसबंदी में लक्ष्य से ज्यादा कार्य कर प्रदेश में अहम भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर ब्लॉक में कार्यरत समस्त एएनएम, जीएनएम, समस्त चिकित्सकों सहित प्रधान राधादेवी, उपप्रमुख मूलाराम भील, डॉ. वासुदेव लोढा, डॉ. हरीश जीनगर, डॉ. रघुनाथ, डॉ. भूपेश विश्रोई, डॉ. मांगीलाल विश्रोई, जिला परिषद सदस्या ललीता बोहरा सहित कई लोगों ने भाग लिया।

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2010

भवनों का उद्घाटन आज

भवनों का उद्घाटन आज
रानीवाड़ा& विधायक रतन देवासी शुक्रवार को कस्बें में नवनिर्मित भवनों का उदï्घाटन कर लोकार्पित करेंगे। कांग्रेस प्रवक्ता अंबालाल जीनगर ने बताया कि सवेरे 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवनिर्मित भवन व एक्स-रे मशीन का उदï्घाटन विधायक देवासी करेंगे। नवनिर्मित भवन पर ८० लाख रूपए व्यय किए गए है। इस स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण होने से एक छत के नीचे समस्त प्रकार की सुविधाए उपलब्ध हो सकेगी। इसी प्रकार 11 बजें सांचोर बाई पास सड़क मार्ग पर सरकारी चारा डिपों का उदï्घाटन भी किया जाएगा। इस डिपों का संचालन कल्याण ग्राम सेवा सहकारी समिति मालवाड़ा के द्वारा किया जा रहा है।

महानरेगा पर पत्रिका

महानरेगा पर पत्रिका
भास्कर न्यूज. रानीवाड़ामहात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में नवाचारों की जानकारी सुलभ कराने एवं अन्य गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने महानरेगा संवाद पत्रिका का प्रकाशन करने का निश्चय किया है। विभाग द्वारा समस्त कार्यक्रम अधिकारियों को लिखे पत्र में इस संबंध में प्रकाशन योग्य सामग्री भिजवाने को कहा है। क्या है योजना : विभागीय निर्देशानुसार पत्रिका में विभिन्न जिलों के मध्य महानरेगा कार्योंके अनुभवों के आदान-प्रदान, नवाचारों सहित जलसंरक्षण कार्य, सफलता के आंकड़े सहित योजना के महत्व एवं सामाजिक एवं आर्थिक ढांचे में आए परिवर्तनों आदि को इंगित करते आलेख एवं कविताएं आदि सामग्री प्रकाशित की जाएगी। इसमें स्थानीय रचनाकारों से भी रचनाएं मंगवाने के लिए कहा गया है। पत्रिका का प्रकाशन मासिक होगा। कार्यक्रम अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि रानीवाड़ा क्षेत्र भी नरेगा योजना में जिले में अव्वल रहा है। यहा करवाए गए उत्कृष्ट कार्यो को पत्रिका में प्रकाशित करवाने के लिए विभाग को भेजा जाएगा।

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

दोस्ती का इजहार

दोस्ती का इजहार

जालोर। प्रेम दिवस के रूप में पहचाना जाने वाला वेलेंटाइन-डे रविवार को युवाओं ने उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने साथियों को ग्रीटिंग कार्ड और चॉकलेट सहित अन्य तोहफे देकर विश किया। वेलेंटाइन डे को लेकर शहर मे कोई आयोजन नहीं हुआ, लेकिन युवाओं ने इस खास दिन को अपने अंदाज में मनाया। कईयों ने प्रेम दिवस के इजहार के लिए ग्रीटिंग कार्ड का सहारा लिया तो कईयों ने चॉकलेट और मिठाई का तोहफा दिया। इस अवसर पर कई नवदंपतियों ने भी एक-दूसरे को गुलाब का फूल देकर वेलेंटाइन डे विश किया।

रविवार, 14 फ़रवरी 2010

"हाथ" में गया "फूल"


सिरोही। जोड़-तोड़ की राजनीति जिले में बुधवार को देखने को मिली। जिला प्रमुख के चुनाव में भी भाजपा के बहुमत के बावजूद कांग्रेस का जिला प्रमुख बन गया। कांग्रेस के चंदनसिंह देवड़ा ने भाजपा प्रत्याशी विनोद परसरामपुरिया को 12-9 से परास्त किया। सिरोही में भाजपा का एक वोट खारिज होने से लॉटरी के माध्यम से कांग्रेस के नीतिराजसिंह देवड़ा प्रधान बने। शिवगंज में कांग्रेस के अचलाराम माली तथा पिण्डवाड़ा में भाजपा के भंवरलाल मेघवाल प्रधान बने। रेवदर की निवर्तमान प्रधान तथा कांग्रेस की पंचायत समिति प्रत्याशी पद्मा कंवर भाजपा के सहयोग से प्रधान बनी। वहीं आबूरोड में पूर्व विधायक लालाराम की पत्नी कांग्रेस की शांतिदेवी प्रधान पद पर काबिज हुई।

तय था जीतना

पत्रिका का आकलन बुधवार को सही साबित हुआ। भाजपा की दो कमजोर कडियों ने फूल को खिलने से पहले ही मुरझा दिया। पहली बार जिला परिषद में भाजपा ग्यारह सदस्यों के साथ बहुमत में थी। कांग्रेस के पास मात्र दस ही सदस्य थे। तमाम बाड़ाबंदियों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस ने न सिर्फ भाजपा के प्रत्याशियों में सेंधमारी की बल्कि कांग्रेस प्रत्याशी चंदनसिंह को तीन मतों से जिताकर प्रमुख भी बनवा दिया।
/www.patrika.com/news.aspx?id=323242">"हाथ" में गया "फूल"

खादी को "खा" गई बेरूखी


बाड़मेर। जिले में जिस खादी ने हजारों जरूरतमंदों को रोजगार दिया और राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाई उसी खादी को सरकारी अघिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिघियों की अरूचि खा गई। खादी कमीशन के कार्यालयों में ताले लग रहे हैं। हजारो कतवारिनों व बुनकरो को रोजगार नहीं मिल रहा है। कोई जनप्रतिनिघि पैरवी नहीं कर रहा है। खादी कमीशन के पास जिले में करोड़ों की संपत्ति है लेकिन अघिकांश जगह कबूतरों की गुटरगूं सुनाई दे रही है।

पचास साल पहले जब जिले में रोजगार के साधनों का नितांत अभाव था। महिलाओं का घर से बाहर रोजगार करने जाना मुश्किल था और पिछड़े तबके के मजदूरों को कार्य नहीं मिल रहा था तब खादी जरूरतमंदों के रोजगार का सहारा बनी और खादी कमीशन के माध्यम से जिले में रोजगार प्रारंभ किया गया। खादी ने जिले में पांच हजार कतवारिनों और दो सौ बुनकरों को जोड़कर कार्य प्रारंभ किया जो संख्या निरंतर बढ़ती रही।

खादी के 11 केन्द्रों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा था, लेकिन करीब एक दशक पूर्व खादी को लेकर उपेक्षा प्रारंभ हो गई। खादी कमीशन में साठ और सत्तर के दशक में नियुक्त हुए कार्मिक सेवानिवृत्त होने लगे लेकिन इनकी जगह पर नए कार्मिकों को नियुक्त करने की बजाय केन्द्रों पर ताले लगा दिए गए। लिहाजा कतवारिनों और बुनकरों का रोजगार छिनता गया। जिले में जहां पूर्व में पांच हजार कतवारिनों को रोजगार मिल रहा था अब केवल पांच सौ कतवारिनों को ही रोजगार मिल रहा है।

केन्द्र बंद हुए
बिशाला, बालेबा, हरसाणी, गडरा, शास्त्रीग्राम, बंधड़ा, म्याजलार, बैकुण्ठग्राम, गूंगा, नाचना व बज्जू केन्द्र संचालित हो रहे थे इसमें से छह केन्द्र बंद हो गए है। अब केवल बिशाला, बालेबा, शास्त्रीग्राम, गूंगा और बैकुण्ठग्राम केन्द्र ही संचालित हो रहे है।

भवन हुए लावारिस
जिला मुख्यालय पर खादी कमीशन के लिए वर्ष 1989 में लाखों की लागत से भवन बनाया गया। इसमे सहायक निदेशक सहित कई पद भी स्वीकृत किए गए थे लेकिन इस भवन में अब केवल एक अघिकारी, एक लिपिक व एक कार्यकर्ता ही नियुक्त है। वहीं खादी कमीशन के जहां केन्द्र थे वहां पर भी लाखों की संपत्ति है लेकिन अब उसका कोई धणीधोरी नहीं है।


क्षेत्र को लाभ मिले
खादी कमीशन ने सीमावर्ती क्षेत्र में रोजगार दिया है और इसकी ओर जनप्रतिनिघि ध्यान दें तो यह जिले में महिलाओं के रोजगार का मुख्य जरिया बन सकता है।- ईश्वरसिंह सरपंच कोटड़ा
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कृषि कार्य करते युवक की मौत

कृषि कार्य करते युवक की मौत

आहोर। आकोरापादर गांव में शनिवार को कृषि कुएं पर कार्य करते समय पाइप गिरने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आकोरापादर निवासी गुलाबसिंह पुत्र जोगसिंह राजपूत ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि गांव की सरहद स्थित कृषि कुएं पर सेक्शन व पाइप उतारने का काम चला रहा था।

शनिवार को उसका भतीजा प्रवीणसिंह (19) पुत्र जीवनसिंह कुएं में उतरा हुआ था। सेक्शन उतारते समय पाइप उस पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए शाम को राजकीय अस्पताल में लाया गया। जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शनिवार, 13 फ़रवरी 2010

उजड़ी बस्तियों से आबादियां बोलती है..

उउजड़ी बस्तियों से आबादियां बोलती है.. जालोर। सुनने की मोहलत मिले, तो आवाज है पत्थरों में, कहीं उजड़ी हुई बस्तियों से आबादियां बोलती हैं। इन पक्तियों को सार्थक करता अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे जालोर के ऎतिहासिक स्वर्णगिरी दुर्ग का शनिवार को जिला प्रशासन ने जायजा लिया तथा यहां पर्यटन विकास की संभावनाएं तलाशी।जिला कलक्टर केवलकुमार गुप्ता व एसडीएम प्रदीप बालाच समेत प्रशासनिक अघिकारियों ने इस दुर्ग पर स्थित राजप्रासाद, पुरा सम्पदा, मंदिर, द्वार, बावडिया व वीरमदेव चौकी का अवलोकन किया। जिला कलक्टर व एसडीएम ने दुर्ग पर स्थित सभी धरोहरों को देखा तथा इनके जीर्णोद्धार की आवश्यकता जताई। साथ ही ऎतिहासिक दुर्ग की इस हालत पर चिंता भी जताई। शनिवार सवेरे कलक्टर व एसडीएम सहित अन्य अघिकारियों ने दुर्ग पर चढ़ना शुरू किया।चढ़ाई के दौरान उन्होंने सूरज पोल, ध्रुव पोल, चांद पोल व सिरे पोल की मजबूती व कारीगरी को देखा। साथ ही रास्ते में पड़ी तोपों का भी अवलोकन किया। इसके बाद सभी अघिकारियों ने प्रसिद्ध मानसिंह महल, वीरमदेव महल व इनमें स्थित बावडियों को भी देखा तथा इनकी शिल्पकला व कारीगरी को सराहा। इसके अलावा महल के पीछे स्थित शिव मंदिर, चामुण्डा माता मंदिर, कोलर बावड़ी की वर्तमान स्थिति को भी देखा। साथ ही उन्होंने वीरमदेव चौकी, जैन मंदिर, शाही दरगाह व मलिकशाह दातार की दरगाह का भी अवलोकन किया।बस इतनी शिकायत है...जालोर के इस ऎतिहासिक दुर्ग की वर्तमान स्थिति को सुधारने के लिए कई बार बडे नेताओं व अघिकारियों ने दौरे किए तथा योजनाओं की घोष्ाणा की, लेकिन कुछ भी नया नहीं हुआ है। दुर्ग की कई बड़ी योजनाएं इस समय अधर में लटकी हुई है। दुर्ग पर सड़क बनाने की योजना हो या मानसिंह के महज में म्यूजियम, पोलों के जीर्णोद्वार की बात हो या दुर्ग की सुरक्षा। ये सारी योजनाएं इस समय कागजों में सिमटी दम तोड़ रही है।अघिकारियों द्वारा बार-बार अवलोकन के बावजूद प्रशासन की ओर से इस दुर्ग में कोई खास काम नहीं करवाया गया। वर्ष 2006 में पर्यटन सहायक निदेशक उपेन्द्रसिंह शेखावत, उपखंड अघिकारी सुरेश नवल तथा वर्ष 2009 में जिला कलक्टर एस.एस. बिस्सा और एसडीएम ओ.पी. जैन ने भी दुर्ग का अवलोकन किया था। बिस्सा ने एक विस्तृत योजना भी दुर्ग के विकास के लिए बनाई थी, लेकिन आज वह फाइलों में ही दम तोड़ रही है।जड़ी बस्तियों से आबादियां बोलती है..

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

नौ में कांग्रेस, एक में भाजपा प्रधान


नौ में कांग्रेस, एक में भाजपा प्रधान
पाली। पाली जिले में बुधवार को हुए प्रधान पद के चुनाव में दस में से नौ पंचायत समितियों में कांग्रेस के व एक में भाजपा का प्रधान चुना गया। जिले की जैतारण पंचायत समिति में कांग्रेस का बहुमत होने के बावजूद भाजपा प्रधान पद कब्जाने में सफल रही। क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पडा। भाजपा के मल्लाराम (13 मत) ने कांग्रेस के अमराराम (10 मत) को पराजित किया। वहां कांग्रेस के 12, भाजपा के 9 व दो निर्दलीय सदस्य हैं। बाली में भी क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस की जीत का अंतर घट गया। बाली में कांग्रेस की गुलाबकंवर (12) ने भाजपा की रीना अग्रवाल (11) को पराजित किया।
वहां कांग्रेस के 14 व भाजपा के 9 सदस्य हैं।पाली में कांग्रेस की शोभा मेघवाल निर्विरोध चुन ली गई। भाजपा ने प्रत्याशी ही मैदान में नहीं उतारा। देसूरी में कांग्रेस की बुद्धकंवर (10 वोट) ने भाजपा की उच्छबकंवर (5 वोट) को तथा रोहट में कांग्रेस की रेशमा (8 वोट) ने भाजपा की सुगना (7) को पराजित कर प्रधान पद का चुनाव जीता। मारवाड जंक्शन में कांग्रेस की हरिओमकंवर (19 मत) ने भाजपा की लीलादेवी (6) को शिकस्त दी।
वहां कांग्रेस के 18, भाजपा के 6 व एक निर्दलीय सदस्य है। रानी में कांग्रेस के पाबूसिंह (8) ने भाजपा के गिरधारी (7) को पराजित किया। वहां कांग्रेस व भाजपा के छह-छह तथा तीन निर्दलीय सदस्य हैं। सोजत में कांग्रेस के राजेशसिंह (14) ने भाजपा के गिरवर सिंह (7) को हराया।
वहां कांग्रेस के 11, भाजपा के 6 तथा 4 निर्दलीय सदस्य हैं। सुमेरपुर में कांग्रेस की भंवरी (14) ने भाजपा की कमला (5) को शिकस्त दी। वहां कांग्रेस के 10, भाजपा के 5 व 4 निर्दलीय सदस्य हैं। रायपुर में कांग्रेस के लाल मोहम्मद (12) ने भाजपा के बलवीरसिंह (8) को चार मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। वहां कांग्रेस के 9, भाजपा के 5 व 7 निर्दलीय सदस्य हैं।
ग्रेस, एक में भाजपा प्रधान

"हाथ" के हाथ आया उप प्रधान

"हाथ" के हाथ आया उप प्रधान
जालोर। जिला परिषद के उप जिला प्रमुख के पद पर कांग्रेस ने एक बार फिर कब्जा जमाया है। गुरूवार को हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मूलाराम राणा ने भाजपा के मंगलसिंह को 13 वोट से शिकस्त दी।जिला निर्वाचन अघिकारी के. के. गुप्ता के समक्ष उप प्रमुख पद के लिए कांग्रेस की ओर से पिंकीदेवी, कुशालसिंह, मूलाराम राणा, गंगादेवी, नरेंद्र विश्नोई, पंखु देवी व सुकीदेवी ने नामांकन पेश किया, जबकि भाजपा की ओर से मंगलसिंह ने पर्चा दाखिल किया।

मूलाराम को कांग्रेस द्वारा अघिकृत प्रत्याशी घोषित करने के बाद नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस ले लिए। चुनाव में उप प्रमुख पद के लिए सभी 31 सदस्यों ने मतदान किया। मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी को 22 और भाजपा प्रत्याशी को 9 मत प्राप्त हुए। जीत की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन अघिकारी ने विजयी प्रत्याशी को निर्वाचन पत्र प्रदान किया।

कमल मुरझाया, पंजा मजबूत

कमल मुरझाया, पंजा मजबूत

जालोर। पंचायतीराज चुनाव में कांग्रेस ने जालोर में अपना परचम लहराया है। जिले की सायला पंचायत समिति को छोड़कर सभी पंचायत समितियों में कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई है और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

जिले की चितलवाना पंचायत समिति में कांग्रेस को 14 व भाजपा को 3, भीनमाल में कांग्रेस को 16 व भाजपा को 7, रानीवाड़ा में कांग्रेस को 12 व भाजपा को 6, जालोर में कांग्रेस को 8, भाजपा को 7 व दो निर्दलीयों ने सीटें जीती है। इसी तरह, जसवंतपुरा में कांग्रेस को 9 व भाजपा को 8 सीटों पर कामयाबी मिली है।

जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए सोमवार सुबह आठ बजे राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में मतगणना शुरू हुई। दोपहर एक बजे बाद मतगणना के रूझान आने शुरू हुए। काफी धीमी गति से मतगणना चलने के कारण पंचायत समिति सदस्यों के सभी परिणाम देर रात तक आए। जिला परिषद सदस्यों के लिए मतगणना का दौर काफी देर से शुरू हुआ, इस कारण मतगणना के रूझान सामने नहीं आ पाए।

उप प्रमुख फिर रानीवाडा क्षेत्र से

जालोर। जिला परिषद के उप जिला प्रमुख के पद पर कांग्रेस ने एक बार फिर कब्जा जमाया है। गुरूवार को हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मूलाराम राणा ने भाजपा के मंगलसिंह को 13 वोट से शिकस्त दी।जिला निर्वाचन अघिकारी के. के. गुप्ता के समक्ष उप प्रमुख पद के लिए कांग्रेस की ओर से पिंकीदेवी, कुशालसिंह, मूलाराम राणा, गंगादेवी, नरेंद्र विश्नोई, पंखु देवी व सुकीदेवी ने नामांकन पेश किया, जबकि भाजपा की ओर से मंगलसिंह ने पर्चा दाखिल किया।

मूलाराम को कांग्रेस द्वारा अघिकृत प्रत्याशी घोषित करने के बाद नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस ले लिए। चुनाव में उप प्रमुख पद के लिए सभी 31 सदस्यों ने मतदान किया। मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी को 22 और भाजपा प्रत्याशी को 9 मत प्राप्त हुए। जीत की घोषणा के बाद जिला निर्वाचन अघिकारी ने विजयी प्रत्याशी को निर्वाचन पत्र प्रदान किया।
दूसरी बार रानीवाडा विधानसभा क्षेत्र से उप प्रमुख बना है। गत चुनाव मे कांग्रेस के हडमतसिंह भोमिया ने भाजपा के बन्नेसिंह गोहिल को हराकर उप प्रमुख का पद प्राप्त किया था। नवनिर्वाचित उप प्रमुख मूलाराम भी रानीवाडा क्षेत्र से है।

मनाई जीत की खुशी

उप प्रमुख का चुनाव जीतने पर कांग्रेस के नेताओं ने एक दूसरे का बधाई देकर खुशी जताई। साथ ही नवनिर्वाचित उप प्रमुख का माला पहनाकर व गुलाल डालकर स्वागत किया। इस अवसर पर जिला प्रमुख जसवंत कंवर, प्रदेश कांग्रेस सचिव पुखराज पाराशर, चुनाव पर्यवेक्षक राजेंद्रसिंह सोलंकी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह, जालोर विधायक रामलाल मेघवाल, रानीवाडा विधायक रतनदेवासी और जिला महामंत्री नैनसिंह सांथू समेत कई पदाघिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2010

'सबको मिले मीठा पानी' जिला प्रमुख जसवंत कंवर

जालोर। नव निर्वाचित जिला प्रमुख जसवंत कंवर का कहना हैं कि दूर दराज के गांवों तथा ढाणियों में लोगों को मीठा पानी उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। बुधवार को जीतने के तुरंत बाद पत्रिका से मुलाकात में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि जिले में पानी के विकट हालात हैं। इन पर काबू पाना होगा। सडको की स्थिति सुधारना, महिलाओं को उनके अघिकार दिलाना, पंचायतराज के तहत मिलने वाले सुविधाओं को महिलाओं तक पहंुचाना, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन दिलाना तथा पार्टी के लक्ष्यों पर चलना उनकी प्राथमिकताएं रहेगी। किसानो को समय पर बिजली उपलब्ध हो इसके लिए वे मनोयोग से प्रयास करेंगी।
पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता
पहली बार जिला प्रमुख बनीं जसवंत कंवर काफी समय से कांग्रेस से जुडी हुई है तथा कांग्रेस की सक्रिय कार्यकत्ताü रही है। एक बार वे जालोर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष भी रही हुई है। इनके पति सूरजपालसिंह भीनमाल से दो बार एमएलए व एक बार मंत्री रह चुके हैं। इनके पुत्र डॉ. समरजीतसिंह वर्तमान में जालोर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष है तथा दो बार भीनमाल से एमएमलए रह चुके हैं।

जिला प्रमुख जालोर जसंवत कंवर


जालोर। जिला परिषद के सदस्यों की मंगलवार को हुई मतगणना में बहुमत में आई कांग्रेस ने बुधवार को जिला प्रमुख का पद अपनी झोली में डाल दिया। यहां कांग्रेस ने प्रमुख पद पर कब्जा बरकरार रखा है। बुधवार को हुए चुनाव में कांग्रेस की जसवंत कंवर ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार रामकंवर को तेरह मतों से हराया। जसंवत कंवर को बाईस व राम कंवर को नौ मत मिले हैं। जसंवत कंवर के जिला प्रमुख बनते ही कांग्रेस पदाघिकारियों व कार्यकत्ताüओं में खुशी की लहर दौड गई।
जालोर में यह पहला मौका है, जब लगातार दूसरी बार महिला प्रमुख बनीं हैं। इससे पहले यहां कांग्रेस की ही मंजू मेघवाल प्रमुख थीं। हालांकि जिला परिषद में इस बार कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत था, फिर भी बोर्ड बनाने को लेकर रात भर राजनीतिक सरगर्मियां तेज रही। भाजपा ने निर्दलीय उम्मीदवार को अपना उम्मीदवार बना कर पासा पलटने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस सदस्यों की एकजुटता के आगे भाजपा का यह दांव चल नहीं पाया और उसे पराजय का सामना करना पडा। गौरतलब हैं कि नव निर्वाचित जिला प्रमुख जसवंत कंवर पूर्व मंत्री सूरजपालसिंह की धर्म पत्नी है। इनके पुत्र समरजीतसिंह वर्तमान में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष है तथा दो बार भीनमाल से विधायक रह चुके हैं।
प्रमुख पद की मतदान प्रकिया के तहत सवेरे पौने ग्यारह बजे कांग्रेस की जसवंत कंवर ने अपना पर्चा दाखिल किया। उसके बाद भाजपा की गिरधर कंवर व रामकंवर ने भी अपने पर्चे भरे। बाद में भाजपा की गिरधर कंवर ने रामकंवर के समर्थन में अपना पर्चा वापस ले लिया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद तीन बजे मतदान शुरू हुआ। कांग्रेस के दो उम्मीदवारो को छोडकर सारे कांग्रेस सदस्य जिला अध्यक्ष समरजीतसिंह, विधायक रामलाल मेघवाल व पूर्व सासंद पारसाराम के साथ मतदान स्थल पर पहंुचे। मतदान प्रकिया के बाद परिणाम की घोषणा हुई। जिसमें कांग्रेस की जसवंत कंवर को विजयी घोषित किया गया। जीत के बाद कांग्रेस के खेमें में उत्साह का माहौल रहा। कांग्रेस पदाघिकारियों व कार्यकत्ताüओं ने नव निर्वाचित प्रमुख को बधाई देकर उनका स्वागत किया। उसके बाद प्रमुख सहित सारे पदाघिकारी जलंधरनाथ अखाडा पहुंचे तथा वहां महादेव के दर्शन कर संत से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह, जालोर विधायक रामलाल मेघवाल, आहोर के पूर्व प्रधान भंवरलाल मेघवाल व पूर्व सांसद पारसाराम सहित कई पदाघिकारी मौजूद थे।

बुधवार, 10 फ़रवरी 2010

रानीवाडा विधायक श्री रतन जी देवासी

जालोर। जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के नतीजो की तस्वीर साफ होते ही जिले में राजनीतिक सरगर्मिया तेज हो गई है। बुधवार को जिला प्रमुख व प्रधान के चुनाव होंगे। इसे लेकर भाजपा व कांग्रेस ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिला परिषद में 31 में से 22 सीटें जीतकर कांग्रेस ने जोरदार जीत हासिल की है। यहां कांग्रेस का एक बार फिर बोर्ड बनना लगभग तय है। भाजपा को महज आठ सीटों पर ही जीत मिली है। जबकि, एक सीट निर्दलीय के खाते में गई हैं।
प्रमुख पद को लेकर मंगलवार को भी दिन भर पार्टी के जिला स्तरीय नेताओं ने मंत्रणा की। क जीते हुए सदस्य भूमिगत हो गए हैं। इधर, जिले के आठ प्रधानों के चुनाव को लेकर भी पार्टी पदाघिकारी अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। दोनों ही पार्टियों के पदाघिकारी निर्दलीयों को अपने पक्ष में करने के लिए उनसे सम्पर्क कर रहे हैं।
सायला व जालोर को छोडकर जिले की छह पंचायत समितियों में कांग्रेस के बोर्ड बनने के आसार है। सायला में भाजपा का बोर्ड बन सकता है। जबकि, जालोर में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है ऎसे में निर्दलीयों की सहायता से ही बोर्ड बनेगा। जालोर में बोर्ड बनाने के लिए जहां कांग्रेस को एक निर्दलीय प्रत्याशी की जरूरत है, वहीं भाजपा को दो निर्दलीयों का साथ चाहिए।
भीनमाल। पंचायतराज चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत के बाद सोमवार देर रात्रि कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी। कार्यकर्ताओं ने पटाखे छोडकर खुशियां मनाई। पंचायत समिति व जिला परिषद में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने से कार्यकर्ताओं ने कृषि मण्डी के सामने स्थित कांग्रेस कार्यालय के समक्ष पटाखे छोडे। साथ ही पार्टी की जीत के लिए कांग्रेस पदाघिकारियों व जीतने वाले प्रत्याशियों का मुंह मीठा करवाकर बधाई दी।
सायला। पंचायत समिति चुनाव के बाद प्रधान पद की दावेदारी को लेकर कांग्रेस व भाजपा के विजेता प्रत्याशी भूमिगत हो गए है। जीत के बाद भाजपा के सभी चौदह सदस्य भूमिगत हो गए है। सोमवार शाम जैसे-जैसे परिणामों की घोषणा हुई वैसे-वैसे कई लोग खुश तो कई मायूस हो गए। विजेता प्रत्याशियों के समर्थकों ने पटाखे छोडकर व मुंह मीठा करवाकर एक-दूसरे को जीत की बधाई दी।
सांचौर। पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना परचम फहरा दिया है। इस बार कांग्रेस ने 21 में से 13 सीट अपनी झोली में डाली है। पंचायत समिति सांचौर में 1959 से 1991 व 1995 से 2005 तक प्रधान सीट कांग्रेस के कब्जे में रही हैं। कांग्रेस को 13 सीट मिलने के साथ ही प्रधान पद की उम्मीदवारी को लेकर दिनभर चर्चा का दौर गर्म रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी में प्रधान पद के लिए डॉ. शमशेर अली, दरगाराम देवासी व दिनेश पुरोहित अपना-अपना दावा जता रहे है।
गत चुनाव में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के साथ प्रधान पद पर कब्जा किया था, लेकिन इस बार भाजपा को सफलता हासिल नही हुई। भाजपा को इस बार 6 सीटों कर ही संतोष करना पडा। भाजपा के दिग्गज पूर्व प्रधान प्रतापसिंह गुन्दाऊ व उपप्रधान भावाराम पुरोहित को हार का मुंह देखना पडा। पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने पर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई है। कार्यकर्ताओं ने मुंह मीठा करवाकर व ढोल बजाकर खुशी का इजहार किया। लोगों ने फोन पर भी एक-दूसरे को पार्टी के जीत की बधाई दी।

साहब, आरओ ने नहीं सुनी फरियाद!

जालोर। भाद्राजून व थांवला के ग्रामीणों ने जिला निर्वाचन अघिकारी को ज्ञापन देकर वार्ड संख्या 10 व वार्ड 22 की पुनर्मतगणना करवाने की मांग की है।आहोर पंचायत समिति के वार्ड 10 की निर्दलीय प्रत्याशी विजयश्री के नेतृत्व में जिला निर्वाचन अघिकारी से मिले ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रिटर्निग अघिकारी ने राजनीतिक दबाव के कारण पुनर्मतगणना नहीं करवाई, जबकि उन्होंने पुनर्मतगणना के लिए निवेदन किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी और उनके बीच मात्र दो वोट का अंतर था।



ग्रामीणों ने कलक्टरी के आगे धरना देकर भी विरोध जताया। वार्ड संख्या 22 से निर्दलीय प्रत्याशी झपूराराम चौधरी और भाद्राजून के ग्रामीणों ने जिला निर्वाचन अघिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि मतगणना के दौरान 11 मतों से आगे था, लेकिन मतगणना कर्मचारी ने अवैध मतों की संख्या बढा दी। इस संबंध में उसने रिटर्निग अघिकारी से भी निवेदन किया, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने पुनर्मतगणना की मांग की है।



सदस्यों को दिलाई शपथ



सायला। पंचायतराज चुनाव में सोमवार देर रात तक हुई मतगणना के बाद शपथ लेने में शेष रहे जीतने वाले प्रत्याशियों को मंगलवार को शपथ दिलाई गई। मंगलवार देर रात पंचायत समिति सदस्याें के परिणाम की घोषणा होने पर कई सदस्य मौके पर मौजूद नहीं होने से शपथ नहीं ले पाए थे। ऎसे सदस्यों को सायला के रिटर्निग अघिकारी भूरसिंह राजपुरोहित ने मंगलवार सवेरे तहसील कार्यालय में शपथ दिलाई।



क्रॉस वोटिंग का भय



जालोर। जिला प्रमुख व प्रधानों के चुनाव में दोनों ही दलों को क्रॉस वोटिंग का भय सता रहा है। शायद यही कारण है कि दोनों ही चुनाव में जीते हुए कई प्रत्याशियों का पता नहीं चल रहा है। पार्टी के बडे नेता सभी निर्वाचित सदस्यों पर कडी नजर रखे हुए हैं। उनसे सम्पर्क नहीं हो पाए इसलिए कई प्रत्याशियो के मोबाइल फोन तक बंद हैं।



दिग्गज हारे



जिला परिषद के चुनाव दोनो ही दल के कई प्रमुख नेताओं को हार का सामना करना पडा है। जिला परिष्ाद चुनाव में निवर्तमान जिला प्रमुख मंजू मेघवाल, पूर्व प्रधान पुष्पकंवर, सायला के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैतानसिंह धनानी की पत्नी संतोष कंवर, पूर्व जिला प्रमुख ठाकराराम, पूर्व विधायक प्रेमसिंह दहिया के पुत्र योगेन्द्रसिंह, पंचायत समिति चुनाव में पूर्व प्रधान मुरारदान चारण, राजूराम राणा, प्रतापसिंह गुन्दाउ, कांग्रेस के जिला महामंत्री गोपाराम प्रजापत सहित कई नेता हार गए।
यह रहेगा कार्यक्रम

जिला प्रमुख व प्रधान के चुनाव बुधवार को होंगे। सवेरे ग्यारह बजे नामांकन पत्र पेश किए जाएंगे। साढे ग्यारह बजे तक नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। एक बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। एक बजे बाद चिह्न आबंटित होंगे व उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की जाएगी। तीन से पांच के बीच चुनाव होंगे तथा बाद में मतगणना होगी।