सिरोही। दो जिलों का एक सांसद होना सिरोही के लिए अभिशाप बन गया है। सांसदों की सिरोही से सौतेलेपन की विडम्बना अब भी पीछा नहीं छोड रही है। विकास के लिए उनके मद में आने वाले दो करोड रूपए में से सिरोही पर बीस प्रतिशत तक ही खर्च किया जाता है। वर्तमान सांसद देवजी एम पटेल ने भी पूर्व सांसद सुशीला बंगारू की तरह यह सौतेलापन बरकरार रखा।
दिए सिर्फ 29 लाख
वर्तमान सांसद देवजी एम पटेल ने सिरोही जिले के विकास के लिए उनके मद से इस वित्तीय वर्ष में सिर्फ 29.20 लाख रूपया ही भेजा है। जबकि उन्होंने जिले में 39.02 लाख रूपए की लागत के कामों की अनुशंसा भेजी है।वैसे यहां पर दोष सांसद की पार्टी के उन पदाघिकारियों का भी कम नहीं है, जिन्होंने जनता को सांसद के माध्यम से विकास करवाने का दिवास्वप्न तो दिखाया। लेकिन, वह सांसद से जिले में विकास के लिए पैसे लाने में नाकाम रहे।
हक 75 लाख का
जालोर में पांच तथा सिरोही में तीन विधानसभा क्षेत्र हैं। ऎसे में सांसद कोष में आने वाले दो करोड रूपए में से प्रत्येक विधानसभा के लोगों का पच्चीस लाख रूपए के विकास कार्यो का हक तो बनता है। ऎसे में सिरोही में सांसद कोष से कम से कम 75 लाख रूपए का विकास कार्य होना चाहिए। लेकिन, वर्तमान सांसद ने यहां नाइंसाफी की। सिरोही को इस वित्तीय वर्ष में मात्र उन्तीस लाख रूपए जालोर जिला परिषद से भिजवाए गए।
वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए सांसद कोष से जालोर जिला परिषद से करीब 29 लाख रूपए आया है। सांसद जितनी राशि की स्वीकृति देते हैं, उतना ही पैसा वहां से यहां पर विकास के लिए आता है।
-सुवालाल सीईओ, जिला परिषद, सिरोही।
हमने सांसद से जिले में सांसद कोष से ज्यादा पैसा जारी करने को कहा। इतना कम पैसा जारी हुआ है तो उनका ध्यानाकर्षित करवाया जाएगा।
-विनोद परसरामपुरिया जिलाध्यक्ष,भाजपा।


